दाद
दाद एक ऐसा रोग है जो शरीर के किसी भी हिस्से में हो जाता है । यहरोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर होनेवाला रोग है इस रोग की शुरुआत फफूंदी से उत्पन होती है और यह रोग धीरे - धीरे गोल आकार में वजहा पर उत्पन होने वाला है वहा परएक गोल घेरा बन जाता है उस गोलघेरे पर परतें
और पपड़ियाँ जमने लगती है । इसी को दाद कहते है ।यह शरीर की त्वचा पर अलग- सा दिखाई देने लगता है । इसका उपचार करना बहुत ही ही जरूरी है अगर इसका सही और समय पर इलाज नही किया गया तो ये एक बड़ी बीमारी का रूप ले लेता है । दाद कोजड़ से ख़त्म करने का उपचार हमअपने घर में ही कर सकते है । इस बीमारी का उपचार इस प्रकार है ।
उपचार :-
1.दाद जैसी बीमारी को दूर करनेआसान सा तरीका है । कि सामान मात्रा में नीम की पत्तियों को लेकर थोड़ा से पानी में डालकर उबाल लेफिर पानी ठंडा होने पर इस पानी सेनहाये । ऐसा लगातार ३ दिन तककरने से दाद ठीक होने लगता है । या फिर बिना खर्च और बिल्कुल सरल तरीका नीम की कुछ पत्तियों को पीसकर दाद वाले स्थान पर लगाने से२ दिन में ही अधिक लाभ मिलता है |
2. जिन मनुष्य को दाद की बीमारी है। उन्हें रोजाना नहाकर साफ कपड़ेऔर सूखे कपड़े पहनने चाहिए । इस करने से ये रोग दूसरी ओर नहीफलती है ।
3. अगर दाद का मर्ज पुराना है तोमनुष्य को 'पार दादी मल्हम' या 'ददृघ्नं का मल्हम' नामक नाम कामलहम का उपगोग करना चाहिए ।
4. इस रोग को जल्दी ठीक करने केलिए मनुष्य को ' एडमज' नाम केपौधे का बीज लेकर इस बीज को बारीक़ पीसकर इसका मलहम तैयार करके इस मलहम को दाद वाले स्थान पर लगाने से यह रोग जल्दी ठीक हो जाता है । और भी अधिकलाभ पाने के लिए रोगी को 'शुद्धगंधक' नाम की दवाई २०० मिलीग्राम सुबह - शाम शहद में मिलाकर खाने से इस रोगी को बड़ी तेजी औरअधिक लाभ मिलता है । इस दवाईका सेवन लगातार ४ दिन करने सेयह रोग
नष्ट हो जाता है ।
नोट :- ध्यान रखने योग्य बाते यह है कि जब मनुष्य इस रोग से घ्रसित होतो रोगी को खट्टी चीजे जैसे :- दही ,अचार , नींबू इत्यादि वस्तुओं का सेवन नही करना चाहिए ।
ऊपर बताई गई सभी औषधियों का उपयोग इन बातों को ध्यान में रखकर करना चाहिए ।
Reviewed by Unknown
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9:25 PM
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