नपुंसकता क्या है
पुरुष का लिंग उतेजना आने के बाद जल्दी शांत हो जाना, उतेजना ना आना या फिर उतेज़ित होते ही वीर्य जल्दी निकल जाना नपुंसकता की बीमारी है। जिन पुरुषों में संभोग करने की उतेजना नहीं होती वे पूरी तरह से नपुंसकता से प्रभावित है और जो व्यक्ति उतेज़ित तो होते है पर जल्दी शांत हो जाते है वे आंशिक नपुंसकता से ग्रस्त है।
नपुंसकता के कारण
नपुंसकता रोग 2 कारणों से होता है – मानसिक और शारीरिक। अधिक तनाव लेना और जादातर चिंता में रहने पर मानसिक होता है और शरीर में किसी दूसरी बीमारी या कमजोरी की वजह शारीरिक है। कुछ और कारणों से भी नपुंसकता होती है।
हार्मोंस में बदलाव आना।
स्टेरॉयड लेने से भी व्यक्ति नपुंसक हो सकता है।
हाइ ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी और शुगर भी नपुंसकता की वजह बनती है।
किसी दुर्घटना में नस कटना या स्पाइनल कॉर्ड में चोट लगना।
धूम्रपान, ड्रग्स और शराब का सेवन।
हस्तमैथुन जादा करने और स्वपनदोष जादा होने के कारण भी स्पर्म में कमी आ जाती है।
नपुंसकता के लक्षण
पार्ट्नर को छूते ही डिसचार्ज होना।
संभोग के वक़्त जल्दी वीर्य निकल जाना।
संभोग के वक़्त लिंग में कड़कपन ना आना या कड़कपन जादा देर तक ना रहना।
नपुंसकता का उपचार के घरेलू उपाय और नुस्खे
इस लेख में हम कुछ आसान से घरेलू उपाय बता रहे है जिनके निरंतर प्रयोग करने पर आप नपुंसकता का इलाज कर सकते है।
1. जामुन की गुठली पीस कर इसका पाउडर बना ले और गरम दूध के साथ हर रोज ले। इस उपाय से स्पर्म की संख्या बढ़ने लगेगी।
2. शीघ्रपतन रोकने के लिए 1/2 चम्मच पीसी हुई मिश्री, 1/2 चम्मच सफेद प्याज का रस, 1/2 चम्मच शहद मिला कर हर रोज 2 बार ले।
3. 25 ग्राम सफेद मुसली और 10 ग्राम तुलसी के बीज लेकर इसका चूर्ण बना ले और इसमें पीसी हुई मिश्री 60 ग्राम मिलाकर एक डब्बी में डाल कर रख दे। 5 – 5 ग्राम चूर्ण सुबह शाम गाय के दूध के साथ सेवन करने से शीघ्रपतन से राहत पा सकते है।
4 बादाम, इलायची के दानों का 2 ग्राम ग्राम, 10 ग्राम मिश्री और जावित्री का चूर्ण 1 ग्राम ले। रात को बादाम की गिरियाँ पानी में भिगो दे और सुबह इन्हे पीस ले। अब बाकी की चीज़े और इस पेस्ट में मिलाये और साथ ही 2 चम्मच मखन मिलाकर सुबह के वक़्त सेवन करे। इस घरेलू उपचार से स्पर्म की संख्या बढ़ती है और मर्दाना कमजोरी की समस्या दूर होती है।
5. दो बादाम, चार से पाँच छुहारे और दो से तीन काजू 300 ग्राम दूध में उबाल कर इसमें मिश्री मिला ले और रात को सोने से पहले पिए। इस देसी नुस्खे से योन शक्ति और ताक़त बढ़ती है।
6. 200 ग्राम लहसुन को पीस ले और 60 ग्राम शहद में मिलाकर एक शीशी या डब्बी में भर कर अच्छे से बंद कर दे और इस शीशी को एक महीने के लिए अनाज में रख दे। 1 महीने के बाद 40 दिनों तक 10 ग्राम की मात्रा में इसका सेवन करे। इस उपाय से शारीरिक दुर्बलता दूर होती है और योन शक्ति बढ़ती है।
7. वीर्य अधिक पतला हो तो आधा चम्मच हल्दी पाउडर एक चम्मच शहद में मिला कर सुबह सुबह खाली पेट सेवन करे। हर रोज इस उपचार को नियमित रूप से करने पर संभोग शक्ति बढ़ती है।
नपुंसकता का इलाज के आयुर्वेदिक नुस्खे
1. मर्दाना कमजोरी के उपचार में आंवला का प्रयोग बहुत फायदेमंद है। एक चम्मच आंवले का चूर्ण और एक चम्मच शूध शहद दो चम्मच आंवले के रस में मिला कर सुबह शाम दो बार ले।
2. अश्वगंधा चूर्ण, बिदरिकंड और असगंध को सौ – सौ ग्राम लेकर पीस ले और पाउडर बना ले। आधा चम्मच पाउडर हर रोज सुबह शाम दूध के साथ लेने पर मर्दाना कमजोरी दूर होती है और स्पर्म को ताकत मिलती है। (ये सब आप को पंसारी की दुकान से मिल जाएँगी।)
3. 10 ग्राम केसर, 15 ग्राम जायफल, 20 ग्राम हिंगुल भसम और 5 ग्राम अकारकरा मिला कर पीस कर इसमें शहद मिलाकर घोट ले। अब इस मिश्रण की चने के आकार की गोलियां बना ले। हर रोज सोने से पहले दूध के साथ दो गोलियां ले। ये आयुर्वेदिक दवा लिंग का ढीलापन खत्म करके नामर्दी दूर करता है।
4. 5 ग्राम मिश्री 5 ग्राम इसबगोल भूसी हर रोज सुबह खाए और साथ में दूध पिए। इस उपाय से शीघ्रपतन का इलाज होगा।
5. रात को सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला चूर्ण पांच मुनक्को के साथ लेकर ठंडा पानी पिए। इस चूर्ण से स्वपनदोष, पेट की बीमारियां, नपुंसकता, नामर्दी और शीघ्रपतन से छुटकारा मिलता है।
बहुत से लोग नपुंसकता की शर्मिंदगी से बचने के लिए वियाग्रा का सहारा लेते है। वियाग्रा अधिक समय तक उतेजना को बनाए रखता है पर ये कोई इलाज नहीं है। अगर आप पहले से किसी बीमारी के उपचार के लिए किसी प्रकार की मेडिसिन का इस्तेमाल करते है और संभोग क्रिया के लिए वियाग्रा भी लेना चाहते है तो इसके इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से सलाह ले और जाने वियाग्रा को कितनी मात्रा में लेना चाहिए और इसके परयोग के साइड एफेक्ट्स क्या हो सकते है।
Reviewed by Unknown
on
10:47 PM
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