सोंठ का प्रयोग घर में मसालों के रूप में किया जाता है। आयुर्वेद में सोंठ को मानव शरीर के लिए बेहद उपयोगी माना गया है। यह कई तरह की बीमारियो के इलाज में काम आती है। सोठ का इस्तेमाल गठिया से लेकर सांस संबंधी बीमारियों के उपचार के लिए किया जाता है। सोंठ आपको कैसे हर बीमारी से बचा सकती है वैदिक उपचार आपको इस बारे में पूरी जानकारी दे रही है।
सौंठ के अयुर्वेदिक फायदे
कब्ज की परेशानी
कब्ज से होने वाले दर्द व कब्ज की दिक्कत को दूर करने के लिए धनिये और सोठ का काढ़ा पीने से राहत मिलती है।
वायरल बुखार में सौंठ
एक लीटर पानी में दो लौंग, 1/4 चम्मच सौंठ और 8 ग्राम इलायची पाउडर को मिलाकर उबाल लें। और जब यह 250 एम एल रह जाए। फिर इसे छानकर बुखार से परेशान इंसान को दिन में तीन बारी पिलाएं। एैसा करने से वायरल बुखार जल्दी उतर जाता है।
गठिया के दर्द में
अजवायन, सोंठ और हरड तीनों को बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बनांए और इस चूर्ण को पानी में उबालें। फिर इस पानी को छानकर और ठंडा करने के बाद पीएं। यह उपाय गठिया के रोग को ठीक करता है।
दस्त लगने पर
दस्त लगने पर गुड के साथ सोंठ के चूर्ण को छांछ में मिलाकर सेवन करें। दस्त ठीक हो जाएगें।
पानी में सोंठ को उबाल कर पीने से भी डाइरिया या दस्त ठीक हो जाता है।
पेट दर्द में सोंठ
पेट में दर्द होने पर सैंठ को सेंधा नमक और हींग के साथ पीसकर सेवन करने से पेट दर्द ठीक हो जाता है।
पसलियों के दर्द में
पसलियों में दर्द होने से बेहद परेशानी होती है। सोंठ को पानी में उबालकर उसे ठंडा करके दिन में कम से कम 4 बारी रोज पीएं।
हिचकी की परेशानी
हिचकी यदि रूक न रही हो तो दूध के साथ सोठ को उबालें और ठंडा होने पर इसका सेवन करें।
गैस बनने पर
गैस की अधिक परेशानी होने पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में काला नमक, सोंठ और हींग को मिलाकर सेवन करें ।
कैंसर रोधी गुण
सौंठ में कैंसर रोधी तत्व होते हैं। यह कैंसर के सेल्स को बढ़ने से रोकता है। साथ ही यह गर्भ में होने वाले कैंसर को रोक देता है। सौंठ का नियमित सेवन करने से इंसान कैंसर से बचा रहता है।
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1:49 PM
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