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घीया से हो सकती है हृदयघात की रोकथाम

हार्टएैटक यानी हृदय घात आजकल तेजी से बढ़ता जा रहा है अनियमित जीवन शैली और तरह-तरह के खाद्य पदार्थो का सेवन, शारीरिक श्रम में कमी, मानसिक तनाव आदि हृदय घात के मुख्य करण हैं। जहां आजकल हृदयघात के निदान के लिए आधुनिक बाईपास सर्जरी, पेसमेकर जैसे अनेक महंगे सुविधाएं हैं जो आम व्यक्ति के वश से बाहर है।

आइए अब आप को बताते हैं घीया यानी लौकी का रामबाण प्रयोग जिसके उपयोग से हृदयघात से बचा जा सकता हैः-

लौकी को छिलके सहित धोकर उसे कश लें फिर कशी हुई घीया को ग्राइंडर में डालकर उसका रस निकालें साथ ही घीया को पीसते समय उसमें 4-6 पोदीना के पत्तों तथा तुलसी के 8 पत्ते उसमें मिला दें उसके बाद पीसे हुए घीया को एक कपड़े से छानकर उसका रस निकाल लें फिर इसमें पानी मिलायें- इस रस में 1 ग्राम सेंधा नमक और 4 काली मिर्चका चूर्ण मिला लें अब बने हुए रस को भोजन करने के आधे घंटे के बाद सुबह-दोपहर एंव रात मे तीन बार लें। शुरु में 2-3 दिन रस की मात्र को कम भी ले सकते हैं ध्यान रहे रस हमेशा ताजा लें। प्रारम्भ में पेट में कुछ गड़गड़ाहट हो तो परेशान न हों। घीया का रस पेट के विकारों को दूर करता है घीया पहले पांच दिनों तक लगातार लेना चाहिए, फिर 26 दिन का अंतराल देकर फिर 5 दिन तक लगातार लें। इसे कम से कम 3 महीनों तक लेना होगा। इस नुस्खे का प्रयोग करते समय कुछ चीजों से बचेंः- उपचार के दौरान खट्टे फलों, टमाटर, नीबूं आदि का सेवन न करें हृदयरोगियो को मदिरा, धूम्रपान और मांस आदि का पूरी तरह से परहेज रखें और सुबह ज्ल्दी उठकर 4-5 किलोमीटर हल्के चलें।

घीया से हो सकती है हृदयघात की रोकथाम घीया से हो सकती है हृदयघात की रोकथाम Reviewed by Unknown on 8:49 PM Rating: 5

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