डायबिटीज पीडि़त हर दूसरे शख्स को पता ही नहीं होता कि उन्हें यह बीमारी है। आमतौर पर लोग डायबिटीज के लक्षणों की अनदेखी करते हैं। उसकी जांच नहीं कराते। जबकि 70 फीसदी मामलों में स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर इससे बचा जा सकता है। दिलचस्प बात यह है बच्चे भी तेजी से टाइप टू डायबिटीज के शिकार हो रहे हैं। एसएमएस अस्पताल के एंडोक्रायोनोलोजिस्ट डॉ.बलराम शर्मा ने बताया कि बच्चों में खराब पोषण और शारीरिक निष्क्रियता में वृद्धि के कारण बाल्यावस्था में ही टाइप टू डायबिटीज की संभावना बढ़ जाती है।
40 वर्ष से कम आयु के 46 फीसदी युवाडॉ.सुनील दंड ने बताया देश में डायबिटीज टाइप 2 में 40 वर्ष से कम आयु के युवा मरीजों की संख्या करीब 46 फीसदी है। एक अध्ययन में सामने आया है कि इनमें कम आयु में हृदय की बीमारी की आशंका अधिक थी। हाल ही में इंडियन जर्नल ऑफ एंडोक्रायोनोलोजी में प्रकाशित भी किया है। धूम्रपान, उच्च रक्तचाप, लिपिड का असामान्य स्तर एवं मोटापा प्रमुख रूप से शामिल हैं।
अध्ययन की पूरी रिपोर्ट04 लोगों में से एक व्यक्ति स्मोकर था03 में से दो को उच्च रक्तचाप था03 में से दो में लिपिड (वसा) स्तर असामान्य05 में से चार ओवरवेट
सुधारें खानपानटाइप टू डायबिटीज से पीडि़त युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। गलत खान-पान की वजह से कम आयु में इससे संबंधित बीमारियों की चपेट में आने का अधिक अंदेशा रहता है। जोखिम के कारकों के साथ इससे होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का परीक्षण करना भी आवश्यक है।
Reviewed by Unknown
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9:19 AM
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