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एसिडिटी और पेट में जलन का उपचार के 10 घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खे

किन कारणों से होती है एसिडिटी की समस्या ?

खान पान पर ध्यान न देने से
बाजारी, तीखे व चटपटे खाने के कारण
नशे व धूम्रपान के कारण
वक़्त पर खाना न खाने से
खाली पेट चाय पिने से
चाय कॉफ़ी का अधिक सेवन करने से
शरीर में गर्मी का अधिक होना भी एसिडिटी का कारण बन सकता है।

कैसे पहचाने एसिडिटी के लक्षणों को

खट्टी व कड़वी डकारों का अधिक आना
घबराहट होना
सिर दर्द होना
पेट में गैस की समस्या
खाली उबाक आते रहना
कब्ज होना
उलटी आना

पेट में जलन और एसिडिटी का उपचार के देसी नुस्खे और घरेलू उपाय

1. अदरक का सेवन एसिडिटी के इलाज में अचूक उपाय है। अदरक की चाय इस परेशानी में बहुत लाभदायक है। अदरक के छोटे छोटे टुकड़े करे और एक गिलास पानी में गर्म करके छानकर पानी को गुनगुना होने पर सेवन करे।

2. एसिडिटी और पेट की जलन की समस्या में एलोविरा का जूस एक बेहतरीन उपाय है। प्रतिदिन इसका प्रयोग करने से एसिडिटी से छुटकारा मिलता है।

3. गुलुकंद का सेवन भी काफी हद तक एसिडिटी की रोकथाम में उपयोगी है।

4. अजवायन, सौंफ, जीरा व सवा के बीज के एक-एक चम्मच को पानी में उबाले फिर इसे छानकर रोजाना दो से तीन बार सेवन करे। ऐसा करने से पेट की समस्याओ से निजात मिलता है।

5. एक चम्मच बेकिंग सोडा को एक गिलास पानी में मिलाकर सेवन करने से एसिडिटी से जल्दी ही आराम मिलता है।

6. दस ग्राम किशमिश को रात को भिगोकर सुबह खाने से एसिडिटी से आराम मिलता है ।

7. बादाम एसिड को नियंत्रित करने का काम करता है । पेट में जलन होने पर तीन से चार बादाम खाये।

8. पेट में गैस की परेशानी जलन की समस्या व पेट दर्द में लौंग इलायची और तुलसी के पत्तों का प्रयोग बहुत ही उपयोगी व बेहतरीन इलाज है।

9. कददू , पत्तागोभी ,गाजर और प्याज से बनी सब्जियां पेट में जलन होने पर सेवन करे।

10. भोजन करने के बाद एक गिलास पुदीने का पानी उबाल कर पीने से भी एसिडिटी से आराम मिलता है।

एसिडिटी का इलाज के आयुर्वेदिक नुस्खे

1. एसिडिटी के उपाय में आंवला बहुत उपयोगी है, रोजाना आंवले का चूर्ण एक गिलास पानी के साथ सेवन करे। इसके आधे घण्टे के बाद कुछ ना खाये पिये। इसके इलावा आंवले के जूस का भी प्रयोग भी कर सकते है।

2. मुलठी के चूर्ण का सेवन करने से गले में जलन और एसिडिटी की परेशानी से राहत मिलती है। मुलठी का काढ़ा बनाकर सेवन करने से यह और भी असरदार साबित होता है।

3. अशवगंधा का इस्तेमाल एसिडिटी में रामबाण आयुर्वेदिक नुस्खा है। एक गिलास दूध में अशवगंधा मिला कर लेने से एसिडिटी में आराम मिलता है।

4. रात को एक गिलास पानी में नीम की छाल को भिगोकर रख दे और सुबह इस पानी को छानकर इसका सेवन करे या नीम की छाल का चूर्ण बनाकर प्रयोग करे।

5. मुन्नका भी एसिडिटी का उपचार में कामयाब तरीका है। इसे एक गिलास दूध में उबाल ले और दूध पिए या फिर दूध के साथ सेवन करे।

6. पांच से सात गिलोय की जड़ के टुकड़े ले और इन्हें पानी में उबाल ले, फिर गुनगुना होने पर आराम से घूट-घूट कर पिए।

7. रात के समय त्रिफला के चूर्ण को शहद के साथ उपयोग करे। इससे भी काफी लाभ मिलता है

एसिडिटी का इलाज

यह चूर्ण शरीर में पाचन क्रिया और एसिड को नियंत्रण  में रखने का काम करता है। यह दवा पेट में गैस की समस्या , पेट में जलन की समस्या और एसिडिटी से छुटकारा पाने में सहायक है। भोजन के बाद दिन में दो बार तीन से चार चम्मच तक इस दवा का प्रयोग कर सकते है। इसका सेवन गर्म पानी या नारियल पानी के साथ करे।

एसिडिटी और पेट में जलन का उपचार के 10 घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खे एसिडिटी और पेट में जलन का उपचार के 10 घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खे Reviewed by Unknown on 11:31 PM Rating: 5

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